एक्टोपिक प्रेग्नेंसी क्या होती है?

Fi– जब निषेचित अंडाणु (Fertilized Egg) गर्भाशय (Uterus) में स्थापित होने के बजाय, फेलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube), अंडाशय (Ovary), या पेट की गुहा (Abdominal Cavity) में इंप्लांट हो जाता है, तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है। – यह एक गंभीर स्थिति है, क्योंकि भ्रूण गर्भाशय के बाहर विकसित नहीं हो सकता।

सामान्य प्रेग्नेंसी की तुलना में दुर्लभ:

सामान्य प्रेग्नेंसी की तुलना में दुर्लभ

– एक्टोपिक प्रेग्नेंसी दुर्लभ होती है और लगभग 1 से 2% गर्भधारण में ही यह स्थिति देखी जाती है। – हालांकि, यह स्थिति खतरनाक होती है और इसमें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

जीवन के लिए खतरा

– अगर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का समय पर इलाज न हो तो फेलोपियन ट्यूब फट (Rupture) सकती है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding)  हो सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। – यही कारण है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

 कारण और जोखिम कारक

– फेलोपियन ट्यूब में सूजन या संक्रमण (Salpingitis) – पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का इतिहास – आईवीएफ (IVF) या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराने वाली महिलाओं में यह जोखिम अधिक होता है। – धूम्रपान (Smoking) और पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (PID) का जोखिम भी इस स्थिति को बढ़ाता है।

इलाज और देखभाल

मेडिकल ट्रीटमेंट: यदि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी शुरुआती अवस्था में हो, तो इसे दवाओं (Methotrexate) से रोका जा सकता है। सर्जिकल उपचार: यदि ट्यूब फटने का खतरा हो, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic Surgery) की जाती है।एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में भ्रूण का बाहर निकालना आवश्यक होता है क्योंकि वह गर्भाशय के बाहर जीवित नहीं रह सकता।