बीटा एचसीजी टेस्ट (Beta hCG Test) एक रक्त परीक्षण है जो गर्भावस्था की पुष्टि करने और उसकी प्रगति को मॉनिटर करने के लिए किया जाता है। एचसीजी (ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन) एक हार्मोन है जो गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा (नाल) द्वारा उत्पन्न होता है। यह हार्मोन गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में तेजी से बढ़ता है और रक्त या मूत्र में इसकी मात्रा को मापकर गर्भावस्था की पुष्टि की जा सकती है। भारत में बीटा एचसीजी टेस्ट की कीमत लगभग ₹500 से ₹1500 तक हो सकती है

बीटा एचसीजी टेस्ट क्यों किया जाता है? 1. गर्भावस्था की पुष्टि करने के लिए: यह टेस्ट गर्भावस्था के शुरुआती चरण में ही गर्भावस्था की पुष्टि कर सकता है। 2. गर्भावस्था की प्रगति की जांच: एचसीजी के स्तर को मापकर यह जांचा जा सकता है कि गर्भावस्था सामान्य रूप से विकसित हो रही है या नहीं। 3. एक्टोपिक प्रेगनेंसी की जांच: यदि एचसीजी का स्तर सामान्य से कम है, तो यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भावस्था) का संकेत हो सकता है। 4. गर्भपात या मिसकैरेज की जांच: यदि एचसीजी का स्तर अचानक गिरता है, तो यह गर्भपात का संकेत हो सकता है।

बीटा एचसीजी टेस्ट के परिणाम 1. सामान्य गर्भावस्था: गर्भावस्था के पहले कुछ हफ्तों में एचसीजी का स्तर हर 48-72 घंटे में दोगुना होता है। 2. कम एचसीजी स्तर: यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी, गर्भपात या गर्भावस्था की अन्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। 3. उच्च एचसीजी स्तर: यह मोलर प्रेगनेंसी या एक से अधिक भ्रूण (जुड़वां बच्चे) का संकेत हो सकता है। 1. इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है। 2. यह टेस्ट किसी भी समय किया जा सकता है।

सामान्य बीटा एचसीजी रेंज

– गर्भावस्था के पहले 8-10 सप्ताह में एचसीजी का स्तर तेजी से बढ़ता है और हर 48-72 घंटे में दोगुना हो जाता है। – 10 सप्ताह के बाद एचसीजी का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है और गर्भावस्था के अंत तक स्थिर रहता है। – यदि एचसीजी का स्तर सामान्य से कम है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो यह निम्न समस्याओं का संकेत हो सकता है: एक्टोपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भावस्था)। गर्भपात (Miscarriage)। गर्भावस्था की अन्य समस्याएं।

< 5 mIU/mLगर्भवती नहीं (Not Pregnant)नेगेटिव रिपोर्ट, गर्भावस्था नहीं दर्शाती है 5 – 25 mIU/mLअनिश्चित (Equivocal)अस्पष्ट स्थिति, दोबारा टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है 25 – 50 mIU/mLप्रारंभिक गर्भावस्था (Early Pregnancy)गर्भावस्था की पुष्टि हो सकती है 50 – 500 mIU/mL3 से 4 सप्ताह की गर्भावस्थाप्रारंभिक अवस्था में भ्रूण का विकास हो रहा है 500 – 10,000 mIU/mL4 से 5 सप्ताह की गर्भावस्थाभ्रूण के विकास में वृद्धि 10,000 – 30,000 mIU/mL6 सप्ताह की गर्भावस्थाभ्रूण का हृदय धड़कन बनने लगती है 30,000 – 100,000 mIU/mL7 से 10 सप्ताह की गर्भावस्थाhCG उच्चतम स्तर पर होता है 10,000 – 100,000 mIU/mL10 से 12 सप्ताह की गर्भावस्थाhCG का स्तर धीरे-धीरे स्थिर होने लगता है 10,000 – 50,000 mIU/mLदूसरी तिमाही (Second Trimester)hCG का स्तर स्थिर रहता है 5,000 – 15,000 mIU/mLतीसरी तिमाही (Third Trimester)hCG स्तर धीरे-धीरे घटता है